HARYANA NEWS: हरियाणा के सिरसा में आज इंडियन नेशनल लोकदल की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक इनेलो के सिरसा स्थित पार्टी कार्यालय में हुई, जिसमें प्रदेशभर से पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं ने भाग लिया। बैठक से पहले इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला मीडिया से रूबरू हुए और कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने आगामी राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस की राजनीति और हरियाणा के मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोला।
इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी राज्यसभा चुनाव में बड़ा खेल हुआ था और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष को हराने का काम किया गया था। चौटाला ने कहा कि उस समय उद्योगपति सुभाष चंद्रा के चुनाव में जिस तरह का “शाही कांड” हुआ था, उसी तरह का खेल इस बार भी कांग्रेस के भीतर देखने को मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक बिकने के लिए तैयार बैठे हैं और राज्यसभा चुनाव में सौदेबाजी हो सकती है। अभय चौटाला ने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बातचीत के बाद ही तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा गया है।
इनेलो अभय चौटाला ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि हुड्डा भाजपा के हाथों में खेलते हैं और पहले भी भाजपा की सरकार बनवाने में उनकी भूमिका रही है। इनेलो के राज्यसभा चुनाव में वोट देने को लेकर उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी के साथियों और नेताओं से चर्चा करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं बावल सीट से जुड़े मामले में गौरव कुमार द्वारा कांग्रेस नेताओं पर पैसे के लेनदेन के आरोपों को लेकर भी अभय चौटाला ने प्रतिक्रिया दी।
हरियाणा के हितों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए- अभय चौटाला
अभय चौटाला ने कहा कि यदि इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो गौरव कुमार को इसकी एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। अभय चौटाला ने चौधरी वीरेंद्र सिंह का हवाला देते हुए कांग्रेस पर एक और बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में राज्यसभा की सीटें 100करोड़ रुपये में बिकती हैं और यह कांग्रेस के लिए कोई नई बात नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब चुनाव में सक्रिय हो रहे नेताओं पर भी सवाल उठाए और कहा कि जो नेता पंजाब की राजनीति में जाने की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले हरियाणा के हितों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।